Sanskrit

अनु॑त्त॒मा ते॑ मघव॒न्नकि॒र्नु न त्वावा॑ँ अस्ति दे॒वता॒ विदा॑नः । न जाय॑मानो॒ नश॑ते॒ न जा॒तो यानि॑ करि॒ष्या कृ॑णु॒हि प्र॑वृद्ध ॥ (९)

Hindi

मरुद्गण बोले-“हे इंद्र! तुम्हारा सब कुछ उत्तम है. कोई भी देव तुम्हारे समान विद्वान्‌ नहीं है. हे महान्‌ शक्तिशाली! तुमने जो करने योग्य काम किए हैं, उन्हें न कोई इस समय कर सकता है और न पहले कर पाया था.” (९)

English

The deserts said, "O Indra! Yours is the best of everything. No god is as learned as you. O great mighty! "No one can do the things you have done at this time and have not been able to do before." (9)