Sanskrit
यथा॒ पूर्वे॑भ्यो जरि॒तृभ्य॑ इन्द्र॒ मय॑ इ॒वापो॒ न तृष्य॑ते ब॒भूथ॑ । तामनु॑ त्वा नि॒विदं॑ जोहवीमि वि॒द्यामे॒षं वृ॒जनं॑ जी॒रदा॑नुम् ॥ (६)
Hindi
हे इंद्र! जिस प्रकार जल प्यासे को प्रसन्न करता है, उसी प्रकार तुमने प्राचीन स्तुतिकर्ता पर कृपा की थी. इसीलिए मैं तुम्हारी सुखदायक स्तुति बार-बार कर रहा हूं. मैं अन्न, बल एवं दीर्घ आयु प्राप्त करूं. (६)
English
O Indra! Just as water pleases the thirsty, so you were kind to the ancient praiseor. That's why I'm praising you again and again. I get food, strength and long life. (6)
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