Sanskrit

यु॒वं पय॑ उ॒स्रिया॑यामधत्तं प॒क्वमा॒माया॒मव॒ पूर्व्यं॒ गोः । अ॒न्तर्यद्व॒निनो॑ वामृतप्सू ह्वा॒रो न शुचि॒र्यज॑ते ह॒विष्मा॑न् ॥ (३)

Hindi

हे अश्विनीकुमारो! तुमने गायों को दुधारू बनाया है. तुम गायों के थनों में पहले से पके हुए दूध को स्थापित करते हो. हे सत्यरूप! चोर वन के वृक्षों में जिस सावधानी से छिपा रहता है, उसी सावधानी से शुद्ध एवं हव्ययुक्त यजमान तुम्हारी स्तुति करता है. (३)

English

O Ashwinikumaro! You have made the cows milch. You install pre-cooked milk in the trunks of cows. Oh, true! The carefully and well-intentioned host praises you with the same care that the thief hides in the forest trees. (3)