Sanskrit

प्र यद्वहे॑थे महि॒ना रथ॑स्य॒ प्र स्य॑न्द्रा याथो॒ मनु॑षो॒ न होता॑ । ध॒त्तं सू॒रिभ्य॑ उ॒त वा॒ स्वश्व्यं॒ नास॑त्या रयि॒षाचः॑ स्याम ॥ (९)

Hindi

हे अश्चिनीकुमारो! तुम अपने रथ की महिमा से हमारा यज्ञ पूर्ण करते हो. हे गतिशीलो! तुम यजमान के होता के समान यज्ञ के आरंभ में आकर यज्ञ के अंत में जाओ. तुम स्तोताओं को उत्तम अश्व प्रदान करो. हम भी धन प्राप्त करेंगे. (९)

English

O aschinikumaro! You complete our yajna by the glory of your chariot. Hey dynamic! You come to the beginning of the yajna like the host and go to the end of the yajna. You provide the best horse to the psalms. We will also receive money. (9)