Sanskrit

अव॑विद्धं तौ॒ग्र्यम॒प्स्व१॒॑न्तर॑नारम्भ॒णे तम॑सि॒ प्रवि॑द्धम् । चत॑स्रो॒ नावो॒ जठ॑लस्य॒ जुष्टा॒ उद॒श्विभ्या॑मिषि॒ताः पा॑रयन्ति ॥ (६)

Hindi

तुग्र का पुत्र भुज्यु शत्रु द्वारा नीचे को मुंह करके पानी में गिराया गया था, इसलिए अंधकार में बहुत दुःखी था. सागर में उसे चार नावें मिलीं जो अश्विनीकुमारों ने भेजी थीं. (६)

English

Bhujyu, the son of Tugra, was dropped into the water by the enemy, so he was very sad in the darkness. In sagar, he found four boats which were sent by the Ashwinikumars. (6)