Sanskrit

भार॒तीळे॒ सर॑स्वति॒ या वः॒ सर्वा॑ उपब्रु॒वे । ता न॑श्चोदयत श्रि॒ये ॥ (८)

Hindi

हे भारती, सरस्वती और इला! तुम सब अग्नि के रूप हो. मैं तुम्हारा आह्वान करता हूं. तुम मुझे संपत्तिशाली बनने की प्रेरणा दो. (८)

English

O Bharti, Saraswati and Ila! You are all forms of agni. I call upon you. You inspire me to be wealthy. (8)