Sanskrit

मि॒त्रं व॒यं ह॑वामहे॒ वरु॑णं॒ सोम॑पीतये । ज॒ज्ञा॒ना पू॒तद॑क्षसा ॥ (४)

Hindi

मित्र और वरुण यज्ञ में प्रकट होने वाले एवं शुद्धबलसंपन्न हैं. हम उन्हें सोमरस पीने के लिए बुलाते हैं. (४)

English

The friends and Varuna appear in the yajna and are purely strong. We call them to drink somers. (4)