Sanskrit

यं बा॒हुते॑व॒ पिप्र॑ति॒ पान्ति॒ मर्त्यं॑ रि॒षः । अरि॑ष्टः॒ सर्व॑ एधते ॥ (२)

Hindi

वरुणादि देव जिस यजमान को अपने हाथ से धनसंपन्न करते एवं हिंसकों से बचाते हैं, वह सबसे सुरक्षित रहकर उन्नति करता है. (२)

English

The host whom Varunadi Dev makes money with his own hands and protects from the violent, he prospers by staying safe. (2)