Sanskrit
घृता॑हवन सन्त्ये॒मा उ॒ षु श्रु॑धी॒ गिरः॑ । याभिः॒ कण्व॑स्य सू॒नवो॒ हव॒न्तेऽव॑से त्वा ॥ (५)
Hindi
हे घृत द्वारा बुलाए गए एवं फलप्रद अग्नि! कण्व के पुत्र तुम्हें जिन वचनों से अपनी रक्षा के लिए बुलाते थे, हमारे द्वारा प्रयुज्यमान उन्हीं वचनों को सुनो. (५)
English
O agni called by the awful and fruitful agni! Listen to the words from which the sons of Kanva used to call you to protect yourselves, the words we used. (5)
Shlok 1 of 1