Sanskrit

अ॒रित्रं॑ वां दि॒वस्पृ॒थु ती॒र्थे सिन्धू॑नां॒ रथः॑ । धि॒या यु॑युज्र॒ इन्द॑वः ॥ (८)

Hindi

हे अश्विनीकुमारो! सागर तट पर स्थित तुम्हारी नौका आकाश से भी विशाल है. धरती पर गमन करने के लिए तुम्हारे पास रथ है. तुम्हारे यज्ञकर्म में सोमरस भी सम्मिलित रहता है. (८)

English

O Ashwinikumaro! Located on the sea shore your boat is even bigger than the sky. You have a chariot to walk on the earth. Somras is also involved in your yajnakarma. (8)