Sanskrit

अश्वि॑ना॒ मधु॑मत्तमं पा॒तं सोम॑मृतावृधा । अथा॒द्य द॑स्रा॒ वसु॒ बिभ्र॑ता॒ रथे॑ दा॒श्वांस॒मुप॑ गच्छतम् ॥ (३)

Hindi

हे यज्ञवर्द्धनकर्ता अश्विनीकुमारो! अत्यंत मधुर सोमरस पिओ. इसके पश्चात्‌ तुम रथ में धन लेकर हविदाता यजमान के समीप आओ. (३)

English

O yajnavardhanakar Ashwinikumaro! Drink extremely sweet somras. After this, you take the money in the chariot and come to the host. (3)