Sanskrit

बृ॒ह॒ती इ॑व सू॒नवे॒ रोद॑सी॒ गिरो॒ होता॑ मनु॒ष्यो॒३॒॑ न दक्षः॑ । स्व॑र्वते स॒त्यशु॑ष्माय पू॒र्वीर्वै॑श्वान॒राय॒ नृत॑माय य॒ह्वीः ॥ (४)

Hindi

धरती और आकाश अपने पुत्र वैश्वानर के लिए विस्तृत हो गए थे. जिस प्रकार बंदी अपने स्वामी की अनेक प्रकार से स्तुति करता है, उसी प्रकार चतुर होता सुंदर गति वाले, वास्तविक शक्तिसंपन्न एवं सबके कुशल नेता वैश्वानर के लिए महान्‌ एवं विविध स्तुतियों का प्रयोग करता है. (४)

English

The earth and sky had expanded for his son Vaishvanar. Just as the captive praises his master in many ways, so the clever man uses great and varied praises for the beautiful, real power and skilled leader of all. (4)