Sanskrit

ते॑ऽवर्धन्त॒ स्वत॑वसो महित्व॒ना नाकं॑ त॒स्थुरु॒रु च॑क्रिरे॒ सदः॑ । विष्णु॒र्यद्धाव॒द्वृष॑णं मद॒च्युतं॒ वयो॒ न सी॑द॒न्नधि॑ ब॒र्हिषि॑ प्रि॒ये ॥ (७)

Hindi

अपनी शक्ति के सहारे वृद्धि प्राप्त करने एवं अपने ही महत्त्व से स्वर्ग में स्थान पाने वाले मरुद्गणों ने अपने निवासस्थल को विस्तीर्ण बनाया है. विष्णु आकर उन्हीं के निमित्त कामवर्षक एवं हर्षप्रद यज्ञ की रक्षा करते हैं. वे पक्षियों के समान शीघ्र आकर हमारे यज्ञ में बिछे हुए कुशों पर बैठे. (७)

English

The deserts, who have gained growth with the help of their power and found a place in heaven with their own importance, have expanded their habitat. Vishnu comes and protects the workman and the joyful yajna for his sake. They came quickly like birds and sat on the kushas laid in our yajna. (7)