Sanskrit

यः सो॑म स॒ख्ये तव॑ रा॒रण॑द्देव॒ मर्त्यः॑ । तं दक्षः॑ सचते क॒विः ॥ (१४)

Hindi

हे सर्वदर्शी एवं सर्वकार्य समर्थ सोम! तुम्हारी मित्रता के कारण जो यजमान तुम्हारी स्तुति करता है, तुम उस पर अनुग्रह करते हो. (१४)

English

O all-seeing and omniscient Mon! Because of your friendship, the host who praises you, you have mercy on him. (14)