Sanskrit

आ प्या॑यस्व मदिन्तम॒ सोम॒ विश्वे॑भिरं॒शुभिः॑ । भवा॑ नः सु॒श्रव॑स्तमः॒ सखा॑ वृ॒धे ॥ (१७)

Hindi

हे अतिशय मदयुक्त सोम! तुम समस्त लताओं के भागों से वृद्धि प्राप्त करो एवं शोभन अन्न से युक्त होकर हमारे मित्र बनो. (१७)

English

O very mad mon! You grow from all the parts of the vines and become our friends, having rich grains. (17)