Sanskrit

स त्वम॑ग्ने सौभग॒त्वस्य॑ वि॒द्वान॒स्माक॒मायुः॒ प्र ति॑रे॒ह दे॑व । तन्नो॑ मि॒त्रो वरु॑णो मामहन्ता॒मदि॑तिः॒ सिन्धुः॑ पृथि॒वी उ॒त द्यौः ॥ (१६)

Hindi

हे अग्नि! तुम सौभाग्य को जानते हुए इस यज्ञकर्म में हमारी आयुवृद्धि करो. मित्र, वरुण, अदिति, सिंधु, पृथ्वी एवं आकाश हमारी उस आयु की रक्षा करें. (१६)

English

O agni! Knowing the good fortune, increase our life in this yajnakarma. Friends, Varuna, Aditi, Sindhu, Prithvi and Akash protect us that age. (16)