Sanskrit

द्यावा॑ ह॒ क्षामा॑ प्रथ॒मे ऋ॒तेना॑भिश्रा॒वे भ॑वतः सत्य॒वाचा॑ । दे॒वो यन्मर्ता॑न्य॒जथा॑य कृ॒ण्वन्सीद॒द्धोता॑ प्र॒त्यङ्स्वमसुं॒ यन् ॥ (१)

Hindi

सत्य बोलने वाले एवं प्रमुख द्यावा-पृथिवी सबसे पहले यज्ञ में अग्नि का आह्वान करें. अग्नि देव मानवों को यज्ञ के लिए प्रेरित करते हुए एवं देवों को बुलाने के लिए ज्वालारूपी प्राणों को धारण करके वेदी पर बैठे. (१)

English

Those who speak the truth and the chief, Dyava-Prithvi, should first call for agni in the yajna. The agni god sat on the altar, inspiring humans to perform yajna and holding the flame-like souls to call the gods. (1)