Sanskrit
सा नो॑ अ॒द्य यस्या॑ व॒यं नि ते॒ याम॒न्नवि॑क्ष्महि । वृ॒क्षे न व॑स॒तिं वयः॑ ॥ (४)
Hindi
हमारे लिए वह रात्रि कल्याणकारिणी बने, जिसके आने पर हम पेड़ पर रहने वाले पक्षियों के समान सो जाते हैं. (४)
English
For us, the night becomes a benefactor, when we come to sleep like birds living on the tree. (4)
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