Sanskrit
मात॑ली क॒व्यैर्य॒मो अङ्गि॑रोभि॒र्बृह॒स्पति॒रृक्व॑भिर्वावृधा॒नः । याँश्च॑ दे॒वा वा॑वृ॒धुर्ये च॑ दे॒वान्स्वाहा॒न्ये स्व॒धया॒न्ये म॑दन्ति ॥ (३)
Hindi
इंद्र कव्य नामक पितरों की सहायता से, यम अंगिरा नामक पितरों की सहायता से और बृहस्पति ऋक्व नामक पितरों की सहायता से बढ़ते हैं. देवों की संवर्धना करने वाले एवं देवों द्वारा संबंधित लोग भी बढ़ते हैं. देवों में कोई स्वाहा और कोई स्वधा के द्वारा प्रसन्न होता है. (३)
English
Indra grows with the help of fathers named Kavya, Yama grows with the help of fathers named Angira and Jupiter with the help of fathers named Rikva. People who promote the gods and are related by the gods also grow. Among the gods, someone is pleased with swaha and someone is pleased through swadha. (3)
Shlok 1 of 1