Sanskrit

ये चे॒ह पि॒तरो॒ ये च॒ नेह याँश्च॑ वि॒द्म याँ उ॑ च॒ न प्र॑वि॒द्म । त्वं वे॑त्थ॒ यति॒ ते जा॑तवेदः स्व॒धाभि॑र्य॒ज्ञं सुकृ॑तं जुषस्व ॥ (१३)

Hindi

हे जातवेद अग्नि! तुम उन सब पितरों को जानते हो, जो यहां आए हैं, जो यहां नहीं आए हैं, जिन्हें हम जानते हैं और जिन्हें हम नहीं जानते हैं. तुम स्वधा शब्द के साथ किए गए हमारे यज्ञ को स्वीकार करो. (१३)

English

O all-knowing Agni! You know all the pitars (ancestors) who have come here, those who have not come here, those whom we know and whom we do not know. You accept our yajna done with the word Swadha. (13)