Sanskrit

आसी॑नासो अरु॒णीना॑मु॒पस्थे॑ र॒यिं ध॑त्त दा॒शुषे॒ मर्त्या॑य । पु॒त्रेभ्यः॑ पितर॒स्तस्य॒ वस्वः॒ प्र य॑च्छत॒ त इ॒होर्जं॑ दधात ॥ (७)

Hindi

हे लाल ज्वालाओं के समीप बैठने वाले पितरो! हव्य देने वाले मनुष्य को धन दो, तुम यजमान के पुत्रों को धन दो तथा हमारे इस यज्ञ में धन धारण करो. (७)

English

O pitro who sits near the red flames! Give money to the man who gives the greeting, give money to the sons of the host, and put money in this yagna of ours. (7)