Sanskrit

य॒ज्ञं च॑ नस्त॒न्वं॑ च प्र॒जां चा॑दि॒त्यैरिन्द्रः॑ स॒ह ची॑कॢपाति ॥ (२)

Hindi

इंद्र आदित्यों के साथ मिलकर हमारे यज्ञ, शरीर और प्रजा की रक्षा करें. (२)

English

Together with the Indra Adityas, protect our yajna, body and subjects. (2)