Sanskrit
आपो॒ न सिन्धु॑म॒भि यत्स॒मक्ष॑र॒न्सोमा॑स॒ इन्द्रं॑ कु॒ल्या इ॑व ह्र॒दम् । वर्ध॑न्ति॒ विप्रा॒ महो॑ अस्य॒ साद॑ने॒ यवं॒ न वृ॒ष्टिर्दि॒व्येन॒ दानु॑ना ॥ (७)
Hindi
जब सोमरस सागर की ओर जाने वाली नदियों के समान अथवा तालाब की ओर जाने वाली नालियों के समान इंद्र के पास जाते हैं, तब मेधावी ब्राह्मण यज्ञ में इंद्र का तेज वर्षा के दिव्य जल से बढ़े हुए जौ के समान बढ़ा देते हैं. (७)
English
When the Somras go to Indra like the rivers leading to the sea or like the drains leading to the pond, the meritorious Brahmins raise Indra in the yajna like barley increased by the divine waters of the rain. (7)
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