Sanskrit

किमे॒ता वा॒चा कृ॑णवा॒ तवा॒हं प्राक्र॑मिषमु॒षसा॑मग्रि॒येव॑ । पुरू॑रवः॒ पुन॒रस्तं॒ परे॑हि दुराप॒ना वात॑ इवा॒हम॑स्मि ॥ (२)

Hindi

उर्वशी ने कहा-—“केवल बातों से क्या होगा? पूर्ववर्ती उषाओं के समान मैं तुम्हारे पास से चली गई हूं. हे पुरूरवा! तुम अपने घर को पुनः चले जाओ. मैं वायु के समान दुष्प्राप्य हूं.” (२)

English

Urvashi said, "What will happen with only things? Like the previous ushas, I have gone from you. O puruva! You go back to your house. I am as ill-fated as the wind." (2)