Sanskrit

श्रु॒धी हव॑मिन्द्र॒ मा रि॑षण्यः॒ स्याम॑ ते दा॒वने॒ वसू॑नाम् । इ॒मा हि त्वामूर्जो॑ व॒र्धय॑न्ति वसू॒यवः॒ सिन्ध॑वो॒ न क्षर॑न्तः ॥ (१)

Hindi

हे इंद्र! मेरी स्तुति को सुनो. इसका तिरस्कार मत करो. हम तुम्हारे धनदान के पात्र हों. बहती हुई नदी के समान घी टपकाने वाला हव्य यजमान को धन प्राप्त कराने की इच्छा से तुम्हें बढ़ाता है. (१)

English

O Indra! Listen to my praise. Don't despise it. We deserve your money. The ghee dripping like a flowing river increases you by the desire to get money from the havya havan. (1)