Sanskrit
बृ॒हन्त॒ इन्नु ये ते॑ तरुत्रो॒क्थेभि॑र्वा सु॒म्नमा॒विवा॑सान् । स्तृ॒णा॒नासो॑ ब॒र्हिः प॒स्त्या॑व॒त्त्वोता॒ इदि॑न्द्र॒ वाज॑मग्मन् ॥ (१६)
Hindi
हे आपत्तियों से उद्धार करने वाले इंद्र! जो उक्त मंत्रो द्वारा तुझ सुखदाता की सेवा करते हैं, वे शीघ्र ही महान् बन जाते हैं. कुश बिछाकर तुम्हारी सेवा करने वाले तुमसे सुरक्षित होकर घर एवं अन्न पाते हैं. (१६)
English
O Indra, who delivers from objections! Those who serve you with the said mantras soon become great. Those who serve you by laying the cushions are safe from you and get a house and food. (16)
Shlok 1 of 1