Sanskrit

न क्षो॒णीभ्यां॑ परि॒भ्वे॑ त इन्द्रि॒यं न स॑मु॒द्रैः पर्व॑तैरिन्द्र ते॒ रथः॑ । न ते॒ वज्र॒मन्व॑श्नोति॒ कश्च॒न यदा॒शुभिः॒ पत॑सि॒ योज॑ना पु॒रु ॥ (३)

Hindi

हे इंद्र! जब तुम असुरवध के लिए शीघ्रगामी अश्चों द्वारा अनेक योजन दूर जाते हो, तब तुम्हारा बल न धरती आकाश द्वारा पराभूत होता है और न सागर एवं पर्वत तुम्हारे रथ को रोक पाते हैं. कोई भी व्यक्ति तुम्हारे वज्र को उस समय रोक नहीं पाता. (३)

English

O Indra! When you go away from many plans for asuras by the early asas, your strength is not defeated by the earth, nor is the sea and the mountains able to stop your chariot. No one can stop your thunderbolt at that time. (3)