Sanskrit
इ॒मा ब्रह्म॑ सरस्वति जु॒षस्व॑ वाजिनीवति । या ते॒ मन्म॑ गृत्सम॒दा ऋ॑तावरि प्रि॒या दे॒वेषु॒ जुह्व॑ति ॥ (१८)
Hindi
हे अन्न एवं जल से युक्त सरस्वती! इन हव्यों को स्वीकार करो. हम गृत्समदवंशी ऋषियों ने यह माननीय एवं देवों का प्रिय हव्य तुम्हें दिया है. (१८)
English
O Saraswati with food and water! Accept these things. We, the Gritsamdvanshi rishis, have given you this honourable and dear heart of the gods. (18)
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