Sanskrit
शु॒क्रेभि॒रङ्गै॒ रज॑ आतत॒न्वान्क्रतुं॑ पुना॒नः क॒विभिः॑ प॒वित्रैः॑ । शो॒चिर्वसा॑नः॒ पर्यायु॑र॒पां श्रियो॑ मिमीते बृह॒तीरनू॑नाः ॥ (५)
Hindi
अग्नि उज्ज्वल तेजों के द्वारा अंतरिक्ष को व्याप्त करते हुए यजमान को स्तुति योग्य एवं पवित्र तेजों से शुद्ध करते हैं तथा दीप्ति को धारण करके यजमान को धन एवं सारी संपत्तियां देते हैं. (५)
English
Fire pervades the space by bright radiances, purifying the host with praiseworthy and sacred radiances and giving wealth and all the possessions to the host by holding the lampstand. (5)
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