Sanskrit
मि॒त्रश्च॒ तुभ्यं॒ वरु॑णः सह॒स्वोऽग्ने॒ विश्वे॑ म॒रुतः॑ सु॒म्नम॑र्चन् । यच्छो॒चिषा॑ सहसस्पुत्र॒ तिष्ठा॑ अ॒भि क्षि॒तीः प्र॒थय॒न्सूर्यो॒ नॄन् ॥ (४)
Hindi
हे बलसंपन्न अग्नि! मित्र, वरुण, विश्वेदेव एवं मरुत् तुम्हें लक्ष्य करके स्तोत्र धारण करते हैं, क्योंकि तुम्हीं बल के पुत्र तथा सूर्य हो और मनुष्यों को मार्ग दिखाने वाली किरणें सब जगह फैलाकर प्रकाश से दीप्त हो. (४)
English
O strong agni! Friends, Varuna, Vishvedeva and The Desert target you and hold on to the hymns, because you are the Son of power and the Sun, and the rays that show the way to man are scattered everywhere and are illuminated with light. (4)
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