Sanskrit

अच्छि॑द्रा॒ शर्म॑ जरितः पु॒रूणि॑ दे॒वाँ अच्छा॒ दीद्या॑नः सुमे॒धाः । रथो॒ न सस्नि॑र॒भि व॑क्षि॒ वाज॒मग्ने॒ त्वं रोद॑सी नः सु॒मेके॑ ॥ (५)

Hindi

हे अंतकाल में सबको जलाने वाले, शोभन प्रज्ञा वाले तथा दीप्तिसंपन्न अग्नि! देवों के लिए सारे अग्निहोत्रादि कर्मों को पूर्ण करो. हे अग्नि! तुम यहीं ठहर कर देवों को दिया हुआ हमारा द्रव्य उसी प्रकार वहन करो, जिस प्रकार रथ किसी वस्तु को ढोता है. (५)

English

O you who burn everyone in the end, those with shobhan pragya and the glorious agni! Complete all the agnihotri deeds for the gods. O agni! Stay here and carry our money given to the gods in the same way as the chariot carries something. (5)