Sanskrit

इन्द्र॒ पिब॑ स्व॒धया॑ चित्सु॒तस्या॒ग्नेर्वा॑ पाहि जि॒ह्वया॑ यजत्र । अ॒ध्व॒र्योर्वा॒ प्रय॑तं शक्र॒ हस्ता॒द्धोतु॑र्वा य॒ज्ञं ह॒विषो॑ जुषस्व ॥ (१०)

Hindi

हे यज्ञ के योग्य इंद्र! स्वधा अग्निरूपी जीभ द्वारा निचोड़े हुए सोम को पिओ. हे शुक्र! अध्वर्यु के हाथ से दिया हुआ सोम पिओ अथवा होता के द्वारा दिए गए हव्य का सेवन करो. (१०)

English

O Indra worthy of yajna! Drink the swadha agam squeezed with the agni-like tongue. Oh, thank you! Drink the soma given by the hand of adhwaryu or consume the havya given by the hota. (10)