Sanskrit

मि॒त्रो अ॒ग्निर्भ॑वति॒ यत्समि॑द्धो मि॒त्रो होता॒ वरु॑णो जा॒तवे॑दाः । मि॒त्रो अ॑ध्व॒र्युरि॑षि॒रो दमू॑ना मि॒त्रः सिन्धू॑नामु॒त पर्व॑तानाम् ॥ (४)

Hindi

अन्ने प्रज्वलित होते समय मित्र होते हैं. वे मित्र के साथ-साथ होता तथा प्राणियों के ज्ञाता वरुण भी बनते हैं. वे ही मित्र, अध्वर्यु, दानशील एवं वायु बनते हैं तथा नदियों एवं पर्वतों के मित्र हैं. (४)

English

The ann are friends when they are ignited. He is along with a friend and becomes Varuna, the knower of beings. They become friends, adhwaryu, danshil and vayu and are friends of rivers and mountains. (4)