Sanskrit

आ नो॑ मित्रावरुणा घृ॒तैर्गव्यू॑तिमुक्षतम् । मध्वा॒ रजां॑सि सुक्रतू ॥ (१६)

Hindi

हे शोभन कर्म वाले मित्र व वरुण! हमारी गोशाला को दूध से सींच दो एवं हमारे घरों को मधुर रस से भर दो. (१६)

English

O friend of shobhan karma and Varun! Irrigate our goshala with milk and fill our houses with sweet juice. (16)