Sanskrit

तं त्वा॒ मर्ता॑ अगृभ्णत दे॒वेभ्यो॑ हव्यवाहन । विश्वा॒न्यद्य॒ज्ञाँ अ॑भि॒पासि॑ मानुष॒ तव॒ क्रत्वा॑ यविष्ठ्य ॥ (६)

Hindi

हे मनुष्य हितकारक, सदा तरुण एवं द्रव्य वहन करने वाले अग्नि देव! तुम अपने यज्ञरूपी कर्म से हम सबका पालन करते हो, इसलिए मनुष्यों ने तुम्हें देवों के निमित्त ग्रहण किया है. (६)

English

O man-benefactor, always young and material-carrying agni god! You obey us all by your sacrificial deeds, so men have accepted you for the sake of the gods. (6)