Sanskrit

प्र शर्ध॑ आर्त प्रथ॒मं वि॑प॒न्याँ ऋ॒तस्य॒ योना॑ वृष॒भस्य॑ नी॒ळे । स्पा॒र्हो युवा॑ वपु॒ष्यो॑ वि॒भावा॑ स॒प्त प्रि॒यासो॑ऽजनयन्त॒ वृष्णे॑ ॥ (१२)

Hindi

हे अग्नि! स्तुतिसंपन्न जल के उत्पत्ति स्थान एवं बादलों के घोंसले के तुल्य आकाश में बिजली के रूप में वर्तमान तुम्हारे पास तेज सबसे पहले पहुंचता है. सात प्रिय होता अभिलाषा करने योग्य, अत्यंत सुंदर एवं दीप्तिसंपन्न अग्नि को लक्ष्य करके स्तुति करते हैं. (१२)

English

O agni! The present comes to you first as lightning in the sky like the place of origin of the praise-rich waters and the nest of clouds. The seven beloved are praiseworthy, very beautiful and luminous by aiming at the glorious agni. (12)