Sanskrit
स्तु॒त इन्द्रो॑ म॒घवा॒ यद्ध॑ वृ॒त्रा भूरी॒ण्येको॑ अप्र॒तीनि॑ हन्ति । अ॒स्य प्रि॒यो ज॑रि॒ता यस्य॒ शर्म॒न्नकि॑र्दे॒वा वा॒रय॑न्ते॒ न मर्ताः॑ ॥ (१९)
Hindi
युद्ध में हमारी स्तुति सुनकर इंद्र अकेले ही बहुत से शत्रुओं को मार डालते हैं. इंद्र स्तुतिकर्त्ताओं को प्रेम करते हैं. स्तुतिकर्ता के कल्याण को कोई भी देव या मानव नहीं रोक सकता. (१९)
English
Hearing our praise in the war, Indra alone kills many enemies. Indra loves the praises. No god or human can stop the welfare of the praiseor. (19)
Shlok 1 of 1