Sanskrit
अ॒भि प्र द॑द्रु॒र्जन॑यो॒ न गर्भं॒ रथा॑ इव॒ प्र य॑युः सा॒कमद्र॑यः । अत॑र्पयो वि॒सृत॑ उ॒ब्ज ऊ॒र्मीन्त्वं वृ॒ताँ अ॑रिणा इन्द्र॒ सिन्धू॑न् ॥ (५)
Hindi
हे इंद्र! मरुद्गण एवं रथ वृत्रवध के समय तुम्हारे पास इस प्रकार पहुंचे थे, जिस प्रकार माता पुत्र के पास जाती है. तुमने सरिताओं को जलपूर्ण किया, मेघ को विदीर्ण किया एवं रुका हुआ जल प्रवाहित किया. (५)
English
O Indra! The deserts and chariots reached you at the time of the death in this way, just as the mother goes to the son. You have watered the streams, pierced the cloud and poured the stalled water. (5)
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