Sanskrit
रक्षा॑ णो अग्ने॒ तव॒ रक्ष॑णेभी रारक्षा॒णः सु॑मख प्रीणा॒नः । प्रति॑ ष्फुर॒ वि रु॑ज वी॒ड्वंहो॑ ज॒हि रक्षो॒ महि॑ चिद्वावृधा॒नम् ॥ (१४)
Hindi
हे उत्तम धन वाले, हम लोगों के महान् रक्षक एवं हव्य द्वारा प्रसन्न अग्नि! तुम अपनी रक्षा द्वारा प्रसन्न हमें उन्नत बनाओ, शक्तिशाली पाप का नाश करो एवं महान् तथा वृद्धि-प्राप्त विघ्न का नाश करो. (१४)
English
O you of the best wealth, the great protector of us and the agni delighted by the good! May you please us by your protection, destroy the mighty sin, and destroy the great and growing obstacle. (14)
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