Sanskrit

ए॒भिर्भ॑व सु॒मना॑ अग्ने अ॒र्कैरि॒मान्स्पृ॑श॒ मन्म॑भिः शूर॒ वाजा॑न् । उ॒त ब्रह्मा॑ण्यङ्गिरो जुषस्व॒ सं ते॑ श॒स्तिर्दे॒ववा॑ता जरेत ॥ (१५)

Hindi

हे अग्नि! मेरी इन पूज्य स्तुतियों द्वारा प्रसन्रमन बनो. हे शूर! स्तोत्रों के साथ हमारे अन्न को स्वीकार करो. हे हव्यप्राप्तकर्ता अग्नि! हमारे मंत्रों को स्वीकार करो. देवों की स्तुति के निमित्त बने मंत्र तुम्हें बढ़ावें. (१५)

English

O agni! Be pleasurable by these revered praises of Mine. Oh, Shur! Accept our food with hymns. O agni, the one who receives it! Accept our mantras. May the mantras meant for the praise of the gods increase you. (15)