Sanskrit
यु॒वं श्रिय॑मश्विना दे॒वता॒ तां दिवो॑ नपाता वनथः॒ शची॑भिः । यु॒वोर्वपु॑र॒भि पृक्षः॑ सचन्ते॒ वह॑न्ति॒ यत्क॑कु॒हासो॒ रथे॑ वाम् ॥ (२)
Hindi
हे स्वर्गपुत्र अश्विनीकुमारो! तुम दोनों देव अपने कमों द्वारा प्रसिद्ध शोभा प्राप्त करते हो. जब महान् अश्च तुम्हें रथ में ढोते हैं, तब सोमरस तुम्हारे शरीर को प्राप्त करता है. (२)
English
O son of heaven, Ashwinikumaro! Both of you gods receive the famous splendor by your servants. When the great assh carries you in the chariot, the somras receives your body. (2)
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