Sanskrit

अ॒नि॒रेण॒ वच॑सा फ॒ल्ग्वे॑न प्र॒तीत्ये॑न कृ॒धुना॑तृ॒पासः॑ । अधा॒ ते अ॑ग्ने॒ किमि॒हा व॑दन्त्यनायु॒धास॒ आस॑ता सचन्ताम् ॥ (१४)

Hindi

हे अग्नि! हव्य-अन्न से रहित स्तुतियों एवं अर्थहीन ओछे वचनों द्वारा अतृप्त लोग इस संसार में तुम्हारे विषय में जो कुछ कहते हैं, वह व्यर्थ है, हव्य-रूपी साधन के बिना वे लोग दुःख उठाते हैं. (१४)

English

O agni! What people say about you in this world by praises and meaningless words without food and without food is in vain, without means of goodness, they suffer. (14)