Sanskrit
साम॑ द्वि॒बर्हा॒ महि॑ ति॒ग्मभृ॑ष्टिः स॒हस्र॑रेता वृष॒भस्तुवि॑ष्मान् । प॒दं न गोरप॑गूळ्हं विवि॒द्वान॒ग्निर्मह्यं॒ प्रेदु॑ वोचन्मनी॒षाम् ॥ (३)
Hindi
मध्यम और उत्तम दो स्थानों में विराजमान, तीक्ष्ण तेज वाले, अधिक सारयुक्त, कामवर्षी, बहुधनी, खोई हुई गाय के चरणचिह्णों के समान रहस्यपूर्ण एवं जानने योग्य अग्नि हमारे पूज्य एवं प्रिय स्तोत्र को बार-बार जानकर हमें बतावें. (३)
English
Sit in two places medium and best, with sharp intensity, more abstract, lustful, multi-rich, as the footprints of the lost cow, let us know the mysterious and knowable agni of our revered and beloved hymns over and over again. (3)
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