Sanskrit
तृ॒षु यदन्ना॑ तृ॒षुणा॑ व॒वक्ष॑ तृ॒षुं दू॒तं कृ॑णुते य॒ह्वो अ॒ग्निः । वात॑स्य मे॒ळिं स॑चते नि॒जूर्व॑न्ना॒शुं न वा॑जयते हि॒न्वे अर्वा॑ ॥ (११)
Hindi
अग्नि अपनी लपटों द्वारा लकड़ियों को शीघ्र ही जला देते हैं. महान् अग्नि स्वयं को तेज चलने वाला दूत बनाते हैं एवं लकड़ियों को विशेष रूप से जलाते हुए वायु की शक्ति से सहायता लेते हैं. जिस प्रकार सवार घोड़े को शक्तिशाली बनाता है, उसी प्रकार अग्नि अपनी किरणों को बलयुक्त करते हैं. (११)
English
Fire burns the wood quickly with its flames. The great agni makes itself a fast moving messenger and takes help from the power of the air while burning the wood especially. Just as the rider makes the horse powerful, so agni forces its rays. (11)
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