Sanskrit

द्वि॒ताय॑ मृ॒क्तवा॑हसे॒ स्वस्य॒ दक्ष॑स्य मं॒हना॑ । इन्दुं॒ स ध॑त्त आनु॒षक्स्तो॒ता चि॑त्ते अमर्त्य ॥ (२)

Hindi

हे अग्नि! शुद्ध हवि-वहन करने वाले द्वित (अत्रि के पुत्र) के लिए तुम अपनी शक्ति दान करो. हे मरणरहित अग्नि! वे सर्वदा तुम्हारे लिए सोम धारण करते हैं एवं तुम्हारी स्तुति करते हैं. (२)

English

O agni! Donate your power to the pure Havi-carrying Dwitha (son of Atri). O agni without death! They always hold soma for you and praise you. (2)