Sanskrit
शुन॑श्चि॒च्छेपं॒ निदि॑तं स॒हस्रा॒द्यूपा॑दमुञ्चो॒ अश॑मिष्ट॒ हि षः । ए॒वास्मद॑ग्ने॒ वि मु॑मुग्धि॒ पाशा॒न्होत॑श्चिकित्व इ॒ह तू नि॒षद्य॑ ॥ (७)
Hindi
हे अग्नि! तुमने भली प्रकार बंधे हुए शुनःशेप ऋषि को हजारों रूप वाले यूप से छुड़ाया था, क्योंकि उसने तुम्हारी स्तुति की थी. हे होता एवं ज्ञानसंपन्न अग्नि! इस वेदी पर बैठी एवं हमें सभी बंधनों से मुक्त करो. (७)
English
O agni! You delivered the well-bound Sage Shunashep from the thousands of yupa, because he praised you. It was a wise and knowledgeable agni! Sit on this altar and free us from all bondage. (7)
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