Sanskrit

स स्मा॑ कृणोति के॒तुमा नक्तं॑ चिद्दू॒र आ स॒ते । पा॒व॒को यद्वन॒स्पती॒न्प्र स्मा॑ मि॒नात्य॒जरः॑ ॥ (४)

Hindi

जब पवित्र करने वाले एवं जरारहित अग्नि वनस्पतियों को जलाते हैं, तब वे रात में दूर तक के लोगों को ज्ञान करा देते हैं. (४)

English

When the sanctifying and unsavoury agni burn the vegetation, they enlighten the people far and wide at night. (4)