Sanskrit

त्वाम॑ग्ने धर्ण॒सिं वि॒श्वधा॑ व॒यं गी॒र्भिर्गृ॒णन्तो॒ नम॒सोप॑ सेदिम । स नो॑ जुषस्व समिधा॒नो अ॑ङ्गिरो दे॒वो मर्त॑स्य य॒शसा॑ सुदी॒तिभिः॑ ॥ (४)

Hindi

हे सबको धारण करने वाले अग्नि! हम अनेक प्रकार के स्तोत्रों एवं नमस्कारों द्वारा तुम्हारी स्तुति करते हुए तुम्हारे समीप जाते हैं. तुम धन देकर हमें प्रसन्न करो. हे अंगिरापुत्र अग्नि! तुम अच्छी तरह प्रज्वलित होकर यजमान के यश के द्वारा प्रसन्न बनो. (४)

English

O agni that holds all! We go to you praising you with a variety of hymns and greetings. Please us by giving you money. O angiraputra agni! Be well-lit and pleased by the host's glory. (4)