Sanskrit
उ॒त स्म॑ दुर्गृभीयसे पु॒त्रो न ह्वा॒र्याणा॑म् । पु॒रू यो दग्धासि॒ वनाग्ने॑ प॒शुर्न यव॑से ॥ (४)
Hindi
हे अग्नि! जिस प्रकार टेढ़ी चाल वाले सांप का बच्चा कठिनाई से पकड़ा जाता है, उसी प्रकार तुम्हें पकड़ना भी कठिन है. घास में छोड़ा हुआ पशु जैसे घास खाता है, उसी प्रकार तुम वनों को जला देते हो. (४)
English
O agni! Just as a child of a crooked snake is caught with difficulty, it is also difficult to catch you. Just as an animal left in the grass eats grass, you burn the forests. (4)
Shlok 1 of 1