Sanskrit
उप॑ त्वा र॒ण्वसं॑दृशं॒ प्रय॑स्वन्तः सहस्कृत । अग्ने॑ ससृ॒ज्महे॒ गिरः॑ ॥ (३७)
Hindi
हे बलपुत्र एवं शोभनदर्शन वाले अग्नि! इव्यान्न धारण करने वाले हम तुम्हारे लिए स्तुतियां बोलते हैं. (३७)
English
O son of strength and agni of adornment! We speak praises for you who hold the will. (37)
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